
बिलासपुर/रतनपुर।
रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रानीगांव स्थित अभय ढाबा एवं रेस्टोरेंट की संचालिका चन्द्रलेखा बरगाह पति संतोष गंधर्व ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 की देर रात लगभग 12 बजे करीब 8 युवक ढाबे पर पहुंचे और पंचायत सचिव बताकर 3 लाख रुपए की मांग की।
संचालिका का आरोप है कि युवक शराब के नशे में थे और लगातार धमकी दे रहे थे कि रकम नहीं देने पर ढाबा बंद करा दिया जाएगा।
जब महिला ने आपत्ति जताई तो मुख्य आरोपी पंचायत सचिव संतोष तिवारी ने दावा किया कि “सीओ साहब गाड़ी में बैठे हैं और उन्होंने ही पैसे मांगे हैं।”
दबाव डालकर महिला को बाहर ले जाकर वाहन के पास पहुंचाया गया, जहां आरोपी ने ऑनलाइन भुगतान की मांग की, लेकिन महिला ने बताया कि केवल ₹1.20 लाख नगद ही मौजूद हैं। आरोपियों ने दबाव बनाकर रकम ले ली और ढाबे पर एक नोटिस भी चिपका दी।
महिला के अनुसार, आरोपियों ने कहा कि शेष राशि 15 दिन में देना होगा और पंचायत की ओर से रसीद जारी कर दी जाएगी।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब पीड़िता ने अगले दिन ग्राम पंचायत मदनपुर से संपर्क किया तो पता चला कि इस तरह की कोई रसीद पंचायत से जारी नहीं होती और न ही इस तरह की वसूली का कोई प्रावधान है।
पीड़िता ने बताया कि ढाबे के अंदर की घटना CCTV कैमरे में कैद है, हालांकि नकद लेन-देन दुकान से दूर एकांत में किया गया, जो कैमरे की कवरेज से बाहर रहा।
पीड़िता का आरोप है कि थाना रतनपुर में शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने SP बिलासपुर से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस कठोर कदम नहीं उठाती तो पंचायत के नाम पर इस तरह की फर्जी वसूली आगे भी होती रहेगी।
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✍️ ईगल आई न्यूज़
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