भयावह हत्याकांड से गुस्साए ग्रामीणों ने राष्ट्रीय हाईवे पर लगाया चक्काजाम — पुलिस पर लापरवाही का आरोप

September 2, 2025 ·

रिपोर्ट: ओम साहू

रतनपुर — थाना क्षेत्र के ग्राम भरारी में हुई 13 वर्षीय छात्र चिन्मय सूर्यवंशी की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना को लूट की नियत से अंजाम दिया गया बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, चिन्मय सरस्वती शिशु मंदिर, रतनपुर में कक्षा आठवीं का छात्र था। घटना 31 जुलाई की शाम की बताई जा रही है जब चिन्मय लगभग पाँच बजे मोबाइल लेकर दोस्तों के साथ घर से निकला था और देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी खोज शुरू की और पुलिस को सूचित किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती दौर में गंभीरता नहीं दिखाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच सतही रूप से की जा रही है और आरोप है कि घटना में और भी लोग शामिल थे, लेकिन अभी केवल एक युवक को आरोपी बनाकर जेल भेजा गया है। इस निष्पक्ष जांच की माँग को लेकर भारी रोष दिखाई दिया।

पुलिस ने लिया ज्ञापन — एसडीओपी का आश्वासन

एसडीओपी नूपुर उपाध्यक्ष ने इस दौरान बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी युवक छत्रपाल के परिजन और भी सह-आरोपियों के रूप में शामिल हैं। परिजनों की ओर से ज्ञापन लिया गया है और पुलिस ने निष्पक्ष व शीघ्र जांच का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने राष्ट्रीय हाईवे पर किया चक्काजाम

आक्रोशित ग्रामीणों ने भरारी के पास राष्ट्रीय हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात कई घंटों तक बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर लोगों को हटाया और यातायात सामान्य हुआ।

ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सभी दोषियों की भूमिका स्पष्ट नहीं हो जाएगी और कठोर से कठोर सजा नहीं मिलेगी, तब तक उनका न्याय के प्रति भरोसा पूरा नहीं होगा। यह दुखद घटना न केवल भरारी गाँव बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा सदमे की तरह आई है।

तकनीकी पड़ताल ने पकड़ा आरोपी

पुलिस ने तकनीकी जांच आगे बढ़ाते हुए मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर मौके की पहचान की। पुलिस ने ग्राम भरारी निवासी 19 वर्षीय छत्रपाल सूर्यवंशी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने मोबाइल लूटने की योजना बनाई थी, पर पकड़ लिए जाने के डर से उसने चिन्मय को मार दिया।

हत्या के बाद शव को पुराने और बंद पड़े स्कूल भवन की खिड़की से अंदर फेंक दिया गया ताकि किसी को शक न हो। मामले की जांच हेतु पुलिस ने एफएसएल टीम बुलाकर साक्ष्यों को सुरक्षित कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच नहीं कर रही — इन्हीं आरोपों के चलते मंगलवार को बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण ज्ञापन देने बिलासपुर जा रहे थे, जिन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया। इसी से नाराज ग्रामीणों ने चक्काजाम किया।

करीब आधे घंटे तक यातायात व्यवस्थित नहीं हो सका। बाद में अधिकारियों की समझाइश पर लोग हटे और यातायात सुचारु हुआ। ग्रामीण इस घटना के जिम्मेदारों से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


हमारी टीम स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की माँग करती है और स्थानीय प्रशासन व पुलिस से अपील करती है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए।

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श्रेणी: स्थानीय समाचार, अपराध


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