
जगदलपुर, 15 अक्टूबर 2025 / | The Eagle Eye News
⚠️ बस्तर में झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध पॉलीक्लिनिकों पर प्रशासन का शिकंजा कस गया है। जिला नर्सिंग होम एक्ट समिति ने 5 संस्थानों पर ₹1 लाख का जुर्माना ठोका और 15 क्लिनिकों के पंजीकरण आवेदन रद्द कर दिए हैं। यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई अवैध मेडिकल प्रैक्टिस पर ताले लगवा सकती है!
कलेक्टर श्री हरिस एस के सख्त निर्देश पर बस्तर जिले में संचालित निजी स्वास्थ्य केन्द्रों, डायग्नोस्टिक लैब्स और कलेक्शन सेंटरों की गहन जांच की गई। नर्सिंग होम एक्ट समिति ने पाया कि कई संस्थान बिना उचित पंजीयन और नियमों के उल्लंघन में मरीजों का इलाज कर रहे थे।
ऐसे 5 संस्थानों पर प्रति संस्था ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया — कुल ₹1,00,000 का अर्थदंड:
- स्पर्श पॉलीक्लिनिक
- स्पर्श पैथोलॉजी लैब
- बालाजी पॉलीक्लिनिक
- मेडिकेयर पैथोलॉजी लैब
- बालाजी डायग्नोस्टिक सर्विसेस
साथ ही समिति ने 15 निजी स्वास्थ्य संस्थानों के पंजीकरण आवेदन अस्वीकृत कर दिए हैं, जिनमें कई ऐसे केंद्र हैं जो बिना योग्य चिकित्सक, बिना बिल-पर्ची और बिना लाइसेंस के इलाज कर रहे थे।
इनमें शामिल हैं — वशिष्ठ आयुर्वेदिक क्लीनिक (धरमपुरा), संजीवनी क्लीनिक (नगरनार), डॉ. गोपेश कुमार क्लीनिक (पुराना गीदम रोड), डॉ. आजाद डायग्नोस्टिक (चोकावाड़ा), पंजाब पॉलीक्लिनिक (प्रताप देव वार्ड), स्वास्थ्य हित पॉलीक्लिनिक (सेमरा), राधा-स्वामी हॉस्पिटल (आडावाल), उज्जवल डायग्नोस्टिक सेंटर (डॉ. लागू हॉस्पिटल रोड) सहित अन्य।
जिला नोडल अधिकारी डाॅ. भवर शर्मा ने बताया कि जिन संस्थानों ने राज्य के बाहर के डॉक्टरों के नाम पर सेवाएं दीं या बिना अनुमति मरीजों का इलाज किया, उनके विरुद्ध आगे और भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर हरिस एस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं — जो भी संस्था नियमों का पालन नहीं करेगी, उसे सील किया जाएगा!
प्रशासन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध लैब संचालकों पर विशेष अभियान चलाने जा रहा है। निरीक्षण दल गठित कर इन्हें चिन्हित किया जाएगा ताकि जनता को केवल वैधानिक और प्रमाणित स्वास्थ्य सेवाएं ही मिल सकें।
🚫 चेतावनी: बिना रजिस्ट्रेशन क्लिनिक या लैब चलाने वाले सतर्क हो जाएं — अगली कार्रवाई आप पर हो सकती है!
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🔹 यह रिपोर्ट The Eagle Eye News द्वारा जिला प्रशासन के आधिकारिक स्रोतों और निरीक्षण रिपोर्ट पर आधारित है।
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