Skill India पर CAG की रिपोर्ट से हड़कंप₹10,000 करोड़ खर्च, लेकिन युवाओं को न नौकरी मिली न कौशल!


94% लाभार्थियों का बैंक डेटा फर्जी, प्रशिक्षण केंद्र बंद, प्लेसमेंट खोखले
जगदलपुर | विशेष रिपोर्ट
देश के करोड़ों युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार देने का दावा करने वाली केंद्र सरकार की Skill India Mission की पोल भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने खोलकर रख दी है। CAG Report No. 20 of 2025 में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) को लेकर जो खुलासे हुए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं बल्कि सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
⚠️ योजना बनी, लेकिन ज़मीनी हकीकत गायब
CAG की रिपोर्ट के अनुसार Skill India योजना को बिना किसी श्रम बाजार सर्वे और मांग आकलन के लागू कर दिया गया।
किस सेक्टर में कितने लोगों को काम मिलेगा — इसका कोई ठोस डेटा ही मौजूद नहीं था।
➡️ नतीजा:
हजारों युवाओं को ऐसे कोर्स कराए गए जिनकी मार्केट में कोई मांग ही नहीं थी।
 ₹9,892 करोड़ खर्च, लेकिन जवाबदेही शून्य
2015 से 2022 के बीच PMKVY पर लगभग ₹10,000 करोड़ खर्च कर दिए गए, लेकिन:
प्रशिक्षण केंद्रों की भौतिक जांच नहीं
ट्रेनरों की योग्यता की पुष्टि नहीं
बंद केंद्रों को भी पूरा भुगतान
CAG ने साफ कहा —
“वित्तीय नियंत्रण इतने कमजोर थे कि पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित ही नहीं किया जा सका।”
茶 94% लाभार्थियों का बैंक डेटा फर्जी!
Skill India Portal की जांच में सामने आया सबसे बड़ा घोटाला—
 94 प्रतिशत लाभार्थियों के बैंक अकाउंट नंबर
खाली
“NA”
“0000000000”
“11111111111” जैसे फर्जी नंबर
➡️ स्पष्ट संकेत:
योजना में फर्जी लाभार्थी, घोस्ट एंट्री और संभावित वित्तीय घोटाले।
 एक ही फोटो, कई लाभार्थी
CAG ने पाया कि —
कई प्रशिक्षणार्थियों की एक ही फोटो बार-बार उपयोग
एक मोबाइल नंबर से दर्जनों पंजीयन
आधार सत्यापन अधूरा या अनुपस्थित
➡️ पहचान सत्यापन पूरी तरह फेल।
 बंद प्रशिक्षण केंद्र, फिर भी प्रमाणपत्र
ऑडिट के दौरान कई ऐसे प्रशिक्षण केंद्र मिले जो—
मौके पर बंद थे
न मशीनें थीं, न प्रशिक्षक
फिर भी वहां से सर्टिफिकेट जारी
Assessment Agencies की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही।
 नौकरी सिर्फ कागजों में
सरकार ने प्लेसमेंट का दावा किया, लेकिन CAG की जांच में—
केवल 41% प्रशिक्षित युवाओं को ही रोजगार
वह भी
अस्थायी
कम वेतन
बिना किसी ट्रैकिंग सिस्टम के
➡️ न यह पता कि नौकरी कितने दिन चली, न यह कि वेतन कितना मिला।
 निगरानी तंत्र पूरी तरह फेल
निरीक्षण बेहद कम
शिकायत निवारण सिर्फ कागजों में
थर्ड पार्टी मॉनिटरिंग एजेंसियों पर कोई जवाबदेही नहीं
CAG की टिप्पणी बेहद सख्त रही —
“योजना में अनियमितताओं को रोकने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी।”
易 CAG का अंतिम निष्कर्ष
✔ लक्ष्य पूरे हुए
❌ गुणवत्ता नदारद
❌ रोजगार असफल
❌ डेटा अविश्वसनीय
 CAG की सिफारिशें
मांग आधारित स्किल ट्रेनिंग
सख्त आधार-आधारित सत्यापन
रियल-टाइम मॉनिटरिंग
रोजगार से जुड़ी फंडिंग
स्वतंत्र और पारदर्शी मूल्यांकन
❓ सबसे बड़ा सवाल
क्या Skill India वास्तव में युवाओं के लिए थी
या
सिर्फ आंकड़ों, एजेंसियों और भुगतान का खेल?
रिपोर्ट: ओम साहू
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