आश्रम स्कूल मरम्मत घोटाला: विधानसभा में झूठ, ज़मीनी सच्चाई शून्य

जगदलपुर / बस्तर: जिला बस्तर में बालक आश्रम, कन्या आश्रम एवं शासकीय स्कूलों की मरम्मत के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये की राशि में भारी भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि मरम्मत और रख-रखाव के नाम पर जिम्मेदार अधिकारियों ने खुली लूट मचाई, जबकि विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में विभाग ने कार्य पूर्ण एवं जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने का झूठा दावा कर दिया।

छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने इस पूरे मामले को आदिवासी बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा है कि “क्या बस्तर अब भ्रष्टाचार करने के लिए चारा गाह बन गया है?”

🔴 भाजपा सरकार की नीति पर सीधा आरोप

Narendra bhawani

नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार की देखरेख में बस्तर जिले में आदिवासी बच्चों की पढ़ाई और रहने की जगह — आश्रम स्कूलों — को ही लूट का केंद्र बना दिया गया है। आश्रम जतन योजना के तहत भवनों की मरम्मत, रख-रखाव और आवश्यक निर्माण कार्य होना था, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है।

🔎 ज़मीनी मूल्यांकन में चौंकाने वाले खुलासे

भवानी ने बताया कि उन्होंने स्वयं 10 लाख रुपये से अधिक बजट वाले आश्रम व स्कूल भवनों का भौतिक सत्यापन किया। विभाग द्वारा जहां कार्य पूर्ण बताया गया, वहां:

  • ❌ कई भवनों में काम शुरू ही नहीं हुआ
  • ❌ कहीं आधा-अधूरा काम छोड़ दिया गया
  • ❌ कहीं नाममात्र का काम दिखाकर करोड़ों की स्वीकृति

सबसे गंभीर तथ्य यह है कि विभाग द्वारा “जांच प्रतिवेदन प्राप्त” बताया गया, जबकि संबंधित प्राचार्य और आश्रम अधीक्षकों ने साफ कहा कि उन्होंने कोई जांच रिपोर्ट दी ही नहीं।

❓ विधानसभा में झूठ क्यों?

जब जिम्मेदार स्कूल प्रभारी और अधीक्षक ही जांच प्रतिवेदन देने से इनकार कर रहे हैं, तो सवाल उठता है कि विधानसभा में विभाग ने झूठा जवाब क्यों दिया? क्या यह सिर्फ लापरवाही है या सुनियोजित भ्रष्टाचार?

नरेन्द्र भवानी ने चेतावनी दी है कि जल्द ही पूरे मामले की लिखित शिकायत संबंधित विभागों को सौंपी जाएगी। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह आरोप स्वतः सही माने जाएंगे और वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

🛑 “लूट और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”

भवानी ने साफ शब्दों में कहा — “आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ हो रही इस लूट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार और अधिकारी मौन रहे, तो यह उनकी संलिप्तता मानी जाएगी।”


रिपोर्ट: ओम साहू
Chief Editor: The Eagle 🦅 Eye 👁️ News
संपर्क: 9926750985

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