खामोशी टूटते ही छलक पड़े आँसू…

बस्तर कलेक्टर की संवेदनशीलता ने 69 वर्षीय दशमती की ज़िंदगी में घोली ‘आवाज़’

सालों बाद फिर सुन सकीं दुनिया की गूंज, प्रशासन ने दिया तत्काल श्रवण यंत्र


जगदलपुर, 2 फरवरी 2026/

प्रशासनिक दौरों को अक्सर औपचारिक निरीक्षणों तक सीमित माना जाता है, लेकिन बस्तर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि संवेदनशील प्रशासन ही सच्चा सुशासन होता है। उनकी त्वरित और मानवीय पहल से 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला दशमती की वर्षों पुरानी खामोशी अब आवाज़ में बदल चुकी है।

भूरसण्डी (कोटवारपारा) निवासी श्रीमती दशमती (पति–मंगत) बीते कई वर्षों से दोनों कानों से सुनने में असमर्थ थीं। 31 जनवरी को बस्तर विकासखंड भ्रमण के दौरान जब उनकी मुलाकात कलेक्टर श्री आकाश छिकारा से हुई, तो उन्होंने अपनी पीड़ा साझा की।

👉 यहीं से बदली एक ज़िंदगी की दिशा…

कलेक्टर श्री छिकारा ने बुजुर्ग महिला की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. नारायण नाग को तत्काल ऑडियोमेट्री टेस्ट कराने और श्रवण यंत्र (Hearing Aid) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

🏥 महारानी अस्पताल में पूरी हुई उम्मीद

कलेक्टर के निर्देशों पर तत्परता दिखाते हुए सोमवार को श्रीमती दशमती को महारानी अस्पताल, जगदलपुर लाया गया। आवश्यक चिकित्सकीय जांच के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।

👉 मशीन लगते ही जैसे ही दशमती को चारों ओर की आवाज़ें सुनाई दीं, उनकी आँखें भर आईं।

भावुक दशमती ने कहा —
“अब मुझे फिर से दुनिया की आवाज़ सुनाई दे रही है…”

उन्होंने इस मानवीय पहल के लिए कलेक्टर श्री आकाश छिकारा को दिल से धन्यवाद देते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।

🌟 यह सिर्फ एक श्रवण यंत्र नहीं, बल्कि एक बुजुर्ग को फिर से समाज से जोड़ने की कहानी है।

यह घटना बताती है कि जब प्रशासन में संवेदना और तत्परता हो, तो शासन वास्तव में सेवा बन जाता है।


✍️ रिपोर्ट: ओम साहू

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