दलपत सागर में भेदभाव का आरोप!
रिपोर्ट: ओम साहू
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दलपत सागर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन हेतु नौका व्यवस्था की गई। उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधा देना था, लेकिन इस व्यवस्था पर स्थानीय बस्तरवासियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि VIP नहीं बल्कि “अपने चहेतों” और अन्य राज्यों से आए लोगों को प्राथमिकता दी गई।


🛶 लाइन में बस्तरवासी, तुरंत दर्शन बाहरी लोगों को?

- स्थानीय श्रद्धालु घंटों धूप में लाइन में खड़े रहे।
- महिलाएं और छोटे बच्चे भी परेशान होते रहे।
- कुछ “चयनित” लोगों को SDRF के अलग नावों से तुरंत दर्शन कराया गया।
- लाइन में खड़े लोगों ने कहा – “बस्तरियों की अनदेखी, बाहरी लोगों की आवभगत।”
“क्या अपने ही शहर में बस्तरवासी दूसरे दर्जे के नागरिक बन गए हैं?”
❓ प्रशासन से जनता के सवाल

- क्या धार्मिक आयोजन में भी पक्षपात सही है?
- क्या स्थानीय लोगों को प्राथमिकता नहीं मिलनी चाहिए थी?
- एसडीआरएफ जैसी नावों का उपयोग किनके लिए किया गया?
शहर की स्थानीय नागरिकों और आसपास गांव से आए ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की दोहरी व्यवस्था भविष्य में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर और जनप्रतिनिधियों को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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संपादक: ओम साहू
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