
रिपोर्ट: ओम साहू
जगदलपुर: छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत संचालित जनजातीय गौरव वाटिका में दर्शाए गए समय और वास्तविक संचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। वाटिका परिसर में लगे बोर्ड के अनुसार समय सुबह 5:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित है।
हालांकि, कुछ स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वाटिका निर्धारित समय के बाद भी खुली दिखाई देती है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा की जानी शेष है। हमारी टीम ने पुष्टि की है शहर के युगल प्रेमियों की भीड़ शाम को आते हैं उनके लिए खुला रहता है और कमाई का जरिया भी है!
💰 शुल्क व्यवस्था पर भी चर्चा
पार्क में बाहरी लोगों का व्यवसाय चल रहा ?
बस्तरियों की अनदेखी हो रही क्यों किसी गांव के समूह को कैंटीन नि दिया गया ?
वाटिका में प्रवेश, पार्किंग, फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी और आयोजनों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित हैं, जिनमें शामिल हैं:
- प्रवेश शुल्क: ₹20 प्रति व्यक्ति
- पार्किंग शुल्क: ₹10–₹20
- फोटो/वीडियो शुल्क: ₹1000 (निर्धारित समय हेतु)
- आयोजन शुल्क: ₹300–₹1000
कुछ नागरिकों ने इन शुल्कों को अपेक्षाकृत अधिक बताते हुए पुनर्विचार की मांग की है, जबकि यह भी कहा गया कि शुल्क संरचना विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित हो सकती है।
🗣️ विभिन्न पक्षों की राय
स्थानीय जनजाति लोगों के एक वर्ग का मानना है कि समय का सख्ती से पालन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि परिसर के रखरखाव और सुरक्षा के लिए शुल्क आवश्यक हो सकता है।
इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका जवाब प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।
नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध दृश्य सामग्री और स्थानीय स्तर पर प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से अपेक्षित है।
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