
रिपोर्ट: ओम साहू
आक्रोश रैली के बाद प्रशासन को चेतावनी, मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा आंदोलन


जगदलपुर। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सहित अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समाज की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को ओबीसी महासभा एवं संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने शहर में आक्रोश रैली निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम प्रेषित किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि आजादी के दशकों बाद भी ओबीसी समाज को उनके संवैधानिक और सामाजिक अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। सामाजिक न्याय और समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 सूत्रीय मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की मांग की गई।
मुख्य मांगें क्या हैं?
- जाति आधारित राष्ट्रीय जनगणना लागू की जाए
- जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण सुनिश्चित किया जाए
- क्रीमीलेयर और 50% आरक्षण सीमा समाप्त की जाए
- ओबीसी को पूर्ण संवैधानिक दर्जा एवं 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए
- छत्तीसगढ़ में लंबित 27% आरक्षण तत्काल लागू हो
- बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए
- SC/ST के समान छात्रवृत्ति एवं सुविधाएं दी जाएं
- जनसंख्या के अनुपात में बजट प्रावधान हो
- अत्याचार रोकने हेतु ओबीसी सुरक्षा कानून बने
- कृषि भूमि संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू हो
- केंद्र सूची में वंचित जातियों को शामिल किया जाए
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो ओबीसी समाज लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रशासन ने लिया ज्ञापन, आश्वासन का इंतजार
कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से ज्ञापन स्वीकार कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है, लेकिन अब सभी की नजरें सरकार के निर्णय पर टिकी हैं।
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