बस्तर में विकास, देश में विश्वास स्थापित करेगी ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रिपोर्ट: ओम साहू

रायपुर, 11 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बस्तर संभाग में 12 अगस्त से तीन दिवसीय ऐतिहासिक ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बस्तर में विकास और देश में विश्वास स्थापित करने का संदेश देगी।

12 से 14 अगस्त तक चलेगी तिरंगा यात्रा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता में यात्रा के मार्ग, उद्देश्य और बस्तर में बदलते हालात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे नारायणपुर से शुरू होगी और विभिन्न गांवों से होते हुए करीब 150 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर दंतेवाड़ा पहुंचेगी।

13 अगस्त को दंतेवाड़ा से स्थानीय नागरिकों और जवानों के साथ यात्रा बीजापुर के लिए रवाना होगी। वहीं 14 अगस्त को बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, कलगम और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुटालू पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।

90 से अधिक गांवों में पहली बार लहराएगा तिरंगा

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से बस्तर के अनेक दुर्गम गांवों में राष्ट्रीय पर्वों के दौरान लगातार ध्वजारोहण किया जा रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा लहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद अब तक राष्ट्रीय ध्वज फहराने की स्थिति नहीं बन पाई थी।

उन्होंने कहा कि बस्तर में सुरक्षा और शांति की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उनके अनुसार, बस्तरवासी अब खुद को अधिक सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं।

नक्सल हिंसा के प्रमुख स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि

विजय शर्मा ने कहा कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ नक्सली हिंसा में जान गंवाने वाले निर्दोष ग्रामीणों और वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी संकल्प है। यात्रा के दौरान उन प्रमुख स्थानों पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी जाएगी, जहां माओवादी हिंसा की बड़ी घटनाएं हुई थीं।

यात्रा के दौरान चिंगावरम, एर्राबोर, मनीकोंटा और ताड़मेटला सहित कई प्रमुख स्थानों को शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि चिंगावरम में 31 निर्दोष लोगों की हत्या, एर्राबोर में बड़ी संख्या में घरों को जलाए जाने और ग्रामीणों की हत्या तथा मनीकोंटा में आदिवासी ग्रामीणों की हत्या जैसी घटनाओं की स्मृति में श्रद्धांजलि दी जाएगी।

ताड़मेटला में भी यात्रा पहुंचेगी, जहां सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सली हिंसा के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।

15 अगस्त को झीरम घाटी में शहीदों को नमन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त को वे झीरम घाटी में मौजूद रहेंगे और नक्सली हिंसा में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा कि झीरम जैसी विभीषिका को जन्म देने वाले नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के परिणाम अब बस्तर में दिखाई दे रहे हैं।

शहीदों की स्मृति में बनेगा भव्य संग्रहालय

यात्रा के दौरान जिन स्थानों पर जवानों और निर्दोष नागरिकों ने बलिदान दिया, वहां की पवित्र माटी एकत्र की जाएगी। इस माटी का उपयोग रायपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक एवं संग्रहालय में किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों के नाम अमर बलिदानियों के नाम पर रखने की घोषणा करेंगे।

बस्तर के नए और सुरक्षित भविष्य का संदेश

‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ में स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से बस्तर की बदलती तस्वीर, शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश देशभर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • 12 अगस्त से शुरू होगी ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’
  • 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के संवेदनशील इलाकों से गुजरेगी यात्रा
  • 90 से अधिक गांवों में पहली बार तिरंगा फहराने का दावा
  • नक्सली हिंसा के प्रमुख स्थलों पर शहीदों को श्रद्धांजलि
  • शहीद स्मारक एवं संग्रहालय के लिए एकत्र होगी पवित्र माटी
  • 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों के नामकरण की घोषणा प्रस्तावित

डिस्क्लेमर: यह समाचार उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा पत्रकार वार्ता में दिए गए बयानों और उपलब्ध प्रेस सामग्री पर आधारित है।


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