जगदलपुर में ओबीसी महासभा की कैडर मीटिंग, गूंजा “जय ओबीसी, जय संविधान” का नारा

जगदलपुर। ओबीसी महासभा की कैडर मीटिंग का आयोजन जगदलपुर में किया गया, जिसमें बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान “जय ओबीसी, जय संविधान” के नारों से माहौल गूंज उठा।

बैठक में सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं राजनीतिक अधिकारों को लेकर मंडल आयोग की अनुशंसाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशें राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थीं और ओबीसी समाज को उसकी आबादी के अनुरूप अधिकार एवं हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

मंडल आयोग की प्रमुख अनुशंसाएं

आरक्षण: ओबीसी वर्ग को आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी देने की अनुशंसा।

शिक्षा: प्रौढ़ शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय, छात्रावास एवं छात्रवृत्ति की व्यवस्था।

वित्तीय सहायता: कामगारों को सरकारी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने तथा सहकारी समितियों के गठन की अनुशंसा।

भूमि सुधार: अनुपयोगी सरकारी जमीन को भूमिहीन लोगों के बीच वितरित करने की अनुशंसा।

केंद्रीय सहायता: केंद्र एवं राज्य स्तर पर पृथक मंत्रालय और आयोग के गठन के साथ पर्याप्त बजट प्रावधान की अनुशंसा।

समीक्षा: अनुशंसाओं की प्रभावशीलता की समीक्षा के लिए 20 वर्ष बाद पुनरावलोकन का प्रावधान।

आरक्षण को लेकर भी हुई चर्चा

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू हुआ। साथ ही आरक्षण व्यवस्था में क्रीमी लेयर और 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा (कैपिंग) से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और समान अवसर के लिए संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया। संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पदाधिकारियों ने संगठनात्मक गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने और समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

बैठक का मुख्य संदेश रहा—सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकार और आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी के लिए संगठित प्रयास।


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