जगदलपुर में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों का नेटवर्क?

पुराना बस स्टैंड, कलेक्टर रोड, धरमपुरा समेत शहर के कई इलाकों में तेजी से खुल रहे स्पा-मसाज सेंटर सवालों के घेरे में

रिपोर्ट: क्राइम रिपोर्टर

जगदलपुर शहर में पिछले कुछ समय से जगह-जगह तेजी से खुल रहे स्पा और मसाज सेंटरों को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हमारे गुप्त सूत्रों और क्राइम रिपोर्टर द्वारा की गई प्रारंभिक पड़ताल में कुछ सेंटरों में मसाज सर्विस की आड़ में कथित रूप से अतिरिक्त सेवाओं की पेशकश किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक कुछ जगहों पर कथित तौर पर ₹2,000 से ₹5,000 तक की B2B तथा “फुल सर्विस” के नाम पर अलग-अलग चार्ज की बात सामने आई है। वहीं VVIP ग्राहकों और बाहर से शहर में आने वाले लोगों के लिए विशेष सुविधाओं का दावा किए जाने की भी जानकारी मिली है।

शहर के पुराना बस स्टैंड, कलेक्टर रोड, धरमपुरा और अन्य इलाकों में संचालित ऐसे प्रतिष्ठानों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज है। सवाल यह है कि इन सेंटरों का संचालन किन नियमों के तहत हो रहा है और क्या संबंधित विभागों द्वारा इनकी नियमित जांच एवं सत्यापन किया जा रहा है?

पुलिस कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

कुछ स्थानीय पत्रकारों और जागरूक नागरिकों का दावा है कि संबंधित गतिविधियों की जानकारी पुलिस प्रशासन तक पहले ही पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद यदि शिकायतों की पुष्टि होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है, तो यह गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़ा करता है।

हालांकि, किसी भी सेंटर या व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए।

दूसरे राज्यों से आने वाली युवतियों के सत्यापन का सवाल

पड़ताल में यह दावा भी सामने आया है कि कुछ सेंटरों में दूसरे राज्यों से युवतियों को काम के लिए लाया जाता है और कथित तौर पर कई महीनों के विशेष पैकेज पर रखा जाता है।

यदि ऐसा हो रहा है तो यह जांच का विषय है कि संबंधित कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, पहचान दस्तावेज, रोजगार रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं या नहीं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी चिंता

यदि मसाज सेंटरों की आड़ में वास्तव में असुरक्षित यौन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो इससे HIV, सिफलिस, गोनोरिया, हेपेटाइटिस-B तथा अन्य यौन संचारित संक्रमणों का जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि केवल किसी स्पा में काम करना या मसाज सेवा देना अपने आप में इन संक्रमणों का प्रमाण नहीं है।

बड़ा सवाल—किसकी निगरानी में चल रहे हैं सेंटर?

शहर में तेजी से बढ़ते स्पा सेंटरों को लेकर अब कई सवाल सामने हैं—

  • क्या सभी सेंटरों के पास आवश्यक वैधानिक अनुमति और लाइसेंस हैं?
  • कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन हुआ है या नहीं?
  • क्या प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाता है?
  • शिकायत मिलने के बाद अब तक कितनी कार्रवाई हुई?
  • क्या किसी सेंटर के खिलाफ पूर्व में शिकायत या कार्रवाई दर्ज हुई है?

हमारी टीम इन सभी सवालों के दस्तावेजी जवाब तलाश रही है।

जल्द ही The Eagle Eye News के विशेष इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में सामने आएंगे दस्तावेज, ग्राउंड रिपोर्ट, संबंधित पक्षों के बयान और प्रशासन का पक्ष।

क्या जगदलपुर प्रशासन इस पूरे मामले पर कार्रवाई करेगा, या फिर सवाल यूं ही अनुत्तरित रहेंगे?

जल्द होगा पूरा खुलासा।


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