
दुकानदार का आरोप—बिना नोटिस और मेरी गैरहाजिरी में बोर्ड ले गए निगमकर्मी, महापौर संजय पांडेय बोले—“आपका बोर्ड रोड में लगा था, मेरे पास वीडियो है”
जगदलपुर, 11 सितम्बर 2026: नगर निगम की कार्रवाई को लेकर शहर में विवाद खड़ा हो गया है। एक दुकानदार का आरोप है कि उसकी गैरहाजिरी में नगर निगम की टीम दुकान के सामने रखा बोर्ड उठाकर ले गई।
दुकानदार का कहना है कि बोर्ड सड़क पर नहीं बल्कि दुकान के सामने गेट के पास रखा हुआ था। उसके मुताबिक कार्रवाई से पहले उसे कोई नोटिस या पूर्व सूचना नहीं दी गई।
इस मामले में महापौर संजय पांडेय से बात की गई। महापौर का कहना है कि “आपका बोर्ड रोड में लगा था। मेरे पास इसका वीडियो है।”
⚡ आमने-सामने दो दावे
दुकानदार का दावा:
बोर्ड दुकान के सामने गेट पर रखा था और उसकी गैरहाजिरी में बिना नोटिस बोर्ड उठा लिया गया।
महापौर संजय पांडेय का दावा:
बोर्ड सड़क पर लगा था और उनके पास इसका वीडियो मौजूद है। लेकिन दिखा नि रहे?
❓ सबसे बड़ा सवाल


यदि नगर निगम का उद्देश्य सड़क और फुटपाथ से अतिक्रमण हटाना है, तो शहर की सड़कों पर दिखाई देने वाले अन्य ठेले, गुमटियों और अस्थायी दुकानों पर भी क्या इसी तरह कार्रवाई की जा रही है?
सामने आई तस्वीरों में सड़क किनारे कई ठेले और अस्थायी दुकानें दिखाई दे रही हैं। ऐसे में दुकानदार ने निगम की कार्रवाई में समानता और पारदर्शिता की मांग की है।
जनता के सामने ये सवाल
- क्या बोर्ड सड़क पर था या दुकान के गेट के सामने?
- क्या बोर्ड हटाने से पहले कोई लिखित नोटिस दिया गया था?
- महापौर के पास मौजूद वीडियो में वास्तविक स्थिति क्या दिखाई देती है?
- जब्त बोर्ड की कोई रसीद या पंचनामा बनाया गया है?
- क्या सड़क किनारे मौजूद अन्य अतिक्रमणों पर भी समान कार्रवाई होगी?
“अगर बोर्ड सड़क पर लगा था तो निगम का वीडियो सामने आना चाहिए, और अगर गेट के सामने रखा था तो कार्रवाई का आधार क्या था?”
🔎 अब वीडियो से साफ होगी तस्वीर!
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण अब वह वीडियो है जिसका हवाला महापौर संजय पांडेय ने दिया है। वीडियो सार्वजनिक होने पर यह स्पष्ट हो सकता है कि बोर्ड वास्तव में किस स्थान पर रखा या लगाया गया था।
क्या निगम की कार्रवाई निष्पक्ष है?
निगम और दुकानदार—दोनों पक्षों का दावा सामने
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