
रिपोर्ट: ओम साहू
जगदलपुर। नक्सल मुक्त बस्तर में दिव्यांगजनों के पुनर्वास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक जगदलपुर के क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा में निःशुल्क दिव्यांग सहायता महाशिविर का आयोजन किया जाएगा।
इस विशेष शिविर में केवल बस्तर जिले ही नहीं, बल्कि कोंडागांव, कांकेर और नारायणपुर जिलों के पात्र दिव्यांगजनों को भी लाभ मिलेगा। नक्सल मुक्त बस्तर के बाद क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह एक विशेष महाशिविर है, जिसमें दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग और विभिन्न सहायक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए विशेष पहल
नक्सली हिंसा के दौरान IED विस्फोट सहित विभिन्न घटनाओं में अपने हाथ-पैर गंवाने वाले लोगों के लिए यह शिविर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऐसे पीड़ितों को निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उन्हें सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद करने का प्रयास किया जाएगा।
शिविर के माध्यम से नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
📍 शिविर की महत्वपूर्ण जानकारी
स्थान: क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा, जगदलपुर
दिनांक: 5 से 7 अक्टूबर 2026
लाभार्थी: बस्तर, कोंडागांव, कांकेर एवं नारायणपुर के दिव्यांगजन
सेवा: निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण
कृत्रिम पैर से लेकर व्हीलचेयर और श्रवण यंत्र तक मिलेंगे
शिविर में दिव्यांगजनों की आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण एवं वितरण की व्यवस्था की जाएगी। इनमें कृत्रिम पैर, कैलिपर्स, बैसाखी, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, श्रवण यंत्र तथा कृत्रिम हाथ-पैर सहित अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं।
पहले से सहायक उपकरण का उपयोग कर रहे दिव्यांगजनों के उपकरणों की आवश्यक मरम्मत की व्यवस्था भी की जाएगी। वहीं नए पात्र हितग्राहियों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शिविर में की जाएगी।
सिर्फ उपकरण वितरण नहीं, आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
इस महाशिविर का उद्देश्य केवल दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने में सक्षम बनाना भी है। विशेष रूप से नक्सल हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए यह पहल पुनर्वास के साथ एक नई शुरुआत का अवसर बन सकती है।
इन दस्तावेजों को साथ लाना अनिवार्य
शिविर में आने वाले दिव्यांगजन अपने साथ निम्न दस्तावेज अनिवार्य रूप से लेकर आएं:
- UDID कार्ड अथवा दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज की 2 फोटो
निःशुल्क भोजन और आवास की भी व्यवस्था
शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क भोजन एवं आवास की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता होने पर दिव्यांगजन अपने साथ एक अटेंडेंट भी ला सकते हैं। शिविर स्थल तक हितग्राहियों को लाने एवं वापस पहुंचाने के लिए भी संबंधित प्रशासनिक व्यवस्था की जाएगी।
चार जिलों के दिव्यांगजनों तक पहुंचाने का प्रयास
शिविर के सफल आयोजन के लिए जिले के सभी जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों एवं संबंधित विभागों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि नक्सल हिंसा सहित विभिन्न कारणों से दिव्यांग हुए अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
इन संस्थाओं के सहयोग से होगा आयोजन
यह महाशिविर भारतीय जैन संगठन, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर एवं NSE Foundation के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में जिला प्रशासन बस्तर, जिला पंचायत जगदलपुर एवं समाज कल्याण विभाग का विशेष सहयोग रहेगा।
📢 दिव्यांगजनों से अपील
पात्र दिव्यांगजन निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर स्थल पहुंचकर निःशुल्क परीक्षण एवं सहायक उपकरण की सुविधा का लाभ उठाएं।
शिविर की पूरी जानकारी
आयोजक: भारतीय जैन संगठन, छत्तीसगढ़
सहयोग: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, जयपुर एवं NSE Foundation
विशेष सहयोग: जिला प्रशासन बस्तर, जिला पंचायत जगदलपुर एवं समाज कल्याण विभाग, जगदलपुर
स्थान: क्रीड़ा परिसर, धरमपुरा, जगदलपुर
दिनांक: 5 से 7 अक्टूबर 2026
जिला प्रशासन, बस्तर
जगदलपुर, छत्तीसगढ़
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