डोमा परिसंघ की ऑनलाइन बैठक में बड़ा फैसला, 18 अक्टूबर को दिल्ली में राष्ट्रीय रैली

रिपोर्ट: ओम साहू

रायपुर/बस्तर। दलित, ओबीसी, अल्पसंख्यक एवं आदिवासी संगठनों के परिसंघ डोमा परिसंघ की छत्तीसगढ़ राज्य इकाई की ऑनलाइन बैठक 3 अक्टूबर 2026 को रात 8 बजे आयोजित की गई। बैठक में आगामी 18 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय बैठक एवं रैली की तैयारियों सहित सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

डॉ. उदित राज ने राष्ट्रीय रैली को लेकर दिए निर्देश

बैठक में डोमा परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज (पूर्व आईआरएस एवं पूर्व लोकसभा सदस्य) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र कुमार खुंटे ने की।

डॉ. उदित राज ने अपने संबोधन में कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं धार्मिक अल्पसंख्यकों के संवैधानिक हितों तथा विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर 18 अक्टूबर 2026 को एनडीएमसी हॉल, जंतर-मंतर के पास, नई दिल्ली में राष्ट्रीय परिचर्चा एवं रैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने परिसंघ के प्रमुख पदाधिकारियों से कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

जातिगत जनगणना और आरक्षण समेत कई मुद्दों पर जोर

डॉ. उदित राज ने कहा कि पिछड़ा वर्ग की जातिगत जनगणना, सुप्रीम कोर्ट एवं उच्च न्यायालयों में अनुसूचित जाति-जनजाति तथा पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण, कॉलेजियम व्यवस्था के स्थान पर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग के माध्यम से न्यायाधीशों की नियुक्ति, पिछड़ा वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण तथा सरकारी अनुदान या ऋण से संचालित निजी क्षेत्र के उद्योगों में एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग को आरक्षण जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण से जुड़े इन मुद्दों को लेकर सदन के स्तर पर अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की स्थिति में अब सामाजिक संगठनों को लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन खड़ा करना होगा। उन्होंने कहा कि दलित एवं शोषित वर्गों को अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संगठित होकर आवाज उठानी होगी।

छत्तीसगढ़ में सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार पर चर्चा

प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र कुमार खुंटे ने राज्य में चल रहे सदस्यता अभियान एवं कार्यकारिणी विस्तार को लेकर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने सभी जिला अध्यक्षों को आगामी राष्ट्रीय रैली की तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए।

विशेष आमंत्रित आजीवन सदस्य एवं जेबीडी कॉलेज कटघोरा के प्राचार्य डॉ. प्यारेलाल आदिले तथा विजन अकादमी जांजगीर के डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार जांगड़े ने भी बैठक में अपने विचार रखे।

बस्तर की बाढ़ का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन

बैठक का संचालन डोमा परिसंघ के बस्तर जिला अध्यक्ष सतीश वानखेड़े ने किया। उन्होंने बस्तर में हुई भारी बारिश और उसके बाद उत्पन्न बाढ़ की भयावह स्थिति से राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज को अवगत कराया।

वानखेड़े ने बताया कि बाढ़ के कारण बस्तर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर तीन मंजिला इमारतों तक में पानी पहुंच गया। लोगों के कपड़े, भोजन सामग्री और बच्चों की पुस्तकें सहित जरूरी सामान नष्ट हो गए हैं। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों के लिए सरकारी सहायता को अपर्याप्त बताते हुए राहत राशि को लेकर भी चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए घोषित सहायता राशि अभी तक कई प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंची है। उन्होंने सरकार से बाढ़ प्रभावितों के लिए पर्याप्त और तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की।

इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने बस्तर के बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का आश्वासन दिया।

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में बस्तर जिला उपाध्यक्ष चमकौर सिंह सहित मोहम्मद आजम खान, अजय जायसवाल, किशन लठारे, डॉ. मकरम समेत छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

प्रकाशनार्थ:
सम्माननीय संपादक/ब्यूरो चीफ, दैनिक लोकप्रिय समाचार पत्र — बस्तर, जगदलपुर, रायपुर एवं छत्तीसगढ़ की ओर प्रकाशनार्थ सादर प्रेषित।

सतीश वानखेड़े
जिला अध्यक्ष, डोमा परिसंघ बस्तर छत्तीसगढ़ राज्य इकाई
मोबाइल: 7999571894


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