बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए अमित बघेल की बड़ी मांग, टूटे मकानों पर ₹5 लाख और फसल नुकसान पर ₹50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

सरकार की विफलता पर जताया आक्रोश, प्रभावित परिवारों को आवास मिलने तक राहत शिविर जारी रखने की मांग

रिपोर्ट: ओम साहू | बस्तर

बस्तर। बस्तर में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद और उनके पुनर्वास की मांग को लेकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल सामने आए हैं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार और प्रशासन से प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने तथा राहत कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।

अमित बघेल ने मांग की है कि बाढ़ में जिन परिवारों के मकान पूरी तरह टूट गए हैं, उन्हें 5 लाख रुपये, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही किसानों को फसल नुकसान की भरपाई के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देने की मांग भी उठाई है।

आवास मिलने तक जारी रहें राहत शिविर

अमित बघेल ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जीवन को दोबारा व्यवस्थित करने की गंभीर चुनौती है। उन्होंने मांग की कि जब तक प्रभावित परिवारों के रहने के लिए उचित आवास की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक राहत शिविर जारी रखे जाएं।

उन्होंने सरकार और प्रशासन से प्रभावित लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए राहत, पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया।

आम जनता से भी सहयोग की अपील

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने आम नागरिकों से बाढ़ आपदा से प्रभावित बहनों-भाइयों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार राहत सामग्री, जरूरी सामान और अन्य सहायता उपलब्ध कराकर पीड़ित परिवारों का सहयोग करने का आग्रह किया।

मुआवजे और पुनर्वास पर सरकार की अग्निपरीक्षा

बस्तर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आवास, आर्थिक सहायता और खेती-किसानी को हुए नुकसान की भरपाई अहम मुद्दे हैं। ऐसे में प्रभावितों को कितना मुआवजा मिलता है और पुनर्वास की व्यवस्था कितनी जल्दी होती है, यह सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।


महत्वपूर्ण: मुआवजे की राशि और राहत शिविर जारी रखने की बातें अमित बघेल की मांगें हैं। इन्हें स्वीकृत सरकारी मुआवजा नहीं माना जाना चाहिए।

खबर पसंद आई तो शेयर करें और ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए जुड़े रहें।


Posted

in

by

Tags:

Comments

Leave a Reply