
जगदलपुर | 12 अक्टूबर 2026 | रिपोर्ट: ओम साहू
बस्तर में बाढ़ से तबाह हुए परिवारों की राहत का मामला एक बार फिर प्रशासन के सामने पहुंचा है। ग्राम पंचायत आसना के छह बाढ़ प्रभावित परिवारों को मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मात्र 6,500 रुपये राहत राशि मिलने का मामला सामने आया है। युवा कांग्रेस बस्तर के जिला उपाध्यक्ष हेमंत कश्यप ने तहसीलदार जगदलपुर को ज्ञापन सौंपकर पुनः सर्वेक्षण और नियमानुसार उचित मुआवजे की मांग की है। तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को दोबारा सर्वेक्षण एवं स्थल निरीक्षण के निर्देश देते हुए दो दिवस के भीतर पात्रता के अनुसार राहत राशि जारी करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
छह परिवारों को मिली महज 6,500 रुपये की राहत राशि
हेमंत कश्यप के अनुसार ग्राम पंचायत आसना में आई भीषण बाढ़ के कारण कई परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों के सामने रहने और दैनिक जरूरतों को पूरा करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद छह परिवारों के बैंक खातों में केवल 6,500 रुपये की राहत राशि पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
प्रभावित परिवारों को आशंका है कि सर्वेक्षण के दौरान मकानों को हुए वास्तविक नुकसान का सही आकलन नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें शासन के नियमानुसार मिलने वाली राहत का पूरा लाभ नहीं मिल पाया।
तहसीलदार ने पटवारी को दिए पुनः सर्वेक्षण के निर्देश
इस मामले को लेकर हेमंत कश्यप ने तहसीलदार जगदलपुर राहुल गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को दोबारा सर्वेक्षण एवं स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। साथ ही दो दिवस के भीतर पात्रता के अनुसार राहत राशि जारी करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इन छह प्रभावित परिवारों के मामलों की जांच की मांग
ज्ञापन में निम्नलिखित छह प्रभावित परिवारों के प्रकरणों की जांच कर पुनः सर्वेक्षण कराने की मांग की गई है:
- इंद्र सोनी
- डोमू लोहरा
- द्रोपती कश्यप
- संतोषी कश्यप
- शिवनाथ कश्यप
- केशाबती कश्यप
मांग की गई है कि प्रत्येक परिवार के मकान की वास्तविक स्थिति एवं क्षति का आकलन कर शासन के नियमों के अनुसार पात्रता के आधार पर उचित राहत राशि प्रदान की जाए।
बाढ़ पीड़ितों के प्रति प्रशासन संवेदनशीलता दिखाए: हेमंत कश्यप
हेमंत कश्यप ने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवार पहले ही अपने घर और घरेलू सामान खोने की पीड़ा झेल रहे हैं। ऐसे कठिन समय में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। बाढ़ प्रभावितों को उनका अधिकार दिलाना प्राथमिकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि तहसीलदार द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुरूप निर्धारित दो दिवस के भीतर पुनः सर्वेक्षण एवं राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये ग्रामीण रहे उपस्थित
इस दौरान नियालु महिलांग, शिवनाथ कश्यप, लखिराम कश्यप, गोविन्द कश्यप, जलधर, सुखमन, मंगला, शिवकशी, देवनाथ ठाकुर, हरिदास एवं गंभीरनाथ सहित अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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