कैश बुक में दो भुगतान दर्ज, निजी ऑपरेटर की नियुक्ति पर भी सवाल
एक ही व्यक्ति को दो बार भुगतान का मामला, लाखों के FTO पर उठे सवाल

📍 बकावंड, बस्तर | 15 अक्टूबर 2026
बस्तर: बकावंड जनपद पंचायत में पीएम आवास योजना से जुड़े भुगतान और कार्यालयीन व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सामने आई कैश बुक की जानकारी के अनुसार, एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग तारीखों में दो बार भुगतान के लिए FTO जनरेट किए जाने का मामला सामने आया है। इसके साथ ही कार्यालय में एक निजी ऑपरेटर को बैठाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
एक ही व्यक्ति के नाम पर दो बार FTO जनरेट
उपलब्ध कैश बुक की फोटो के अनुसार नौराज गोयल के नाम पर निम्नलिखित भुगतान संबंधी प्रविष्टियां दर्ज होने का दावा किया गया है:
पहली प्रविष्टि:
📅 27 जुलाई 2026
💰 राशि: ₹31,500
FTO नंबर: ADMRFAT-39911
दूसरी प्रविष्टि:
📅 09 अक्टूबर 2026
💰 राशि: ₹21,000
FTO नंबर: ADMRFAT-41267
इसके अलावा 09 अक्टूबर को ₹15,010 की एक अन्य प्रविष्टि और अन्य लाखों रुपये के FTO जनरेट होने की बात भी सामने आई है। सवाल यह है कि इन भुगतानों के पीछे कौन-सा कार्य, किसका बिल और कौन-सी स्वीकृति मौजूद है? क्या संबंधित भुगतान वास्तविक कार्यों के एवज में किए गए हैं या फिर अग्रिम भुगतान की प्रक्रिया अपनाई गई? इसकी जांच जरूरी है।
निजी ऑपरेटर को कार्यालय में बैठाने पर सवाल
आरोप है कि विकासखंड कॉर्डिनेटर द्वारा महज 3-4 दिन पहले एक निजी ऑपरेटर को जनपद कार्यालय में बैठाकर अस्थायी रूप से काम कराया जा रहा है। सरकारी कार्यालय में निजी व्यक्ति को किस आदेश और किस अधिकार के तहत कार्य सौंपा गया है, यह भी जांच का विषय है।
पड़ताल के दौरान अधिकारी नहीं मिले
मौके पर की गई पड़ताल के दौरान शिकायतकर्ता के अनुसार विकासखंड कॉर्डिनेटर निखिल चांडक शासकीय समय में कार्यालयीन कार्य के बजाय निजी पारिवारिक कार्य में व्यस्त मिले। वहीं पीएम आवास योजना से जुड़े अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
तकनीकी सहायक धनेश्वर बघेल भी कैश बुक बंद कर जिला पंचायत जाने की बात कहते हुए कार्यालय से निकल गए। इस दौरान कैश बुक की फोटो मोबाइल में लिए जाने का दावा किया गया है।
कलेक्टर और जिला पंचायत CEO से उच्चस्तरीय जांच की मांग
मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर बस्तर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि भुगतान से संबंधित सभी FTO, बिल, वाउचर, कार्यादेश और कैश बुक का मिलान कराया जाए।
साथ ही विकासखंड कॉर्डिनेटर निखिल चांडक और संबंधित निजी ऑपरेटर की भूमिका की जांच कर दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
जांच के घेरे में ये प्रमुख सवाल
- एक ही व्यक्ति के नाम पर दो अलग-अलग FTO क्यों जनरेट हुए?
- भुगतान के एवज में कौन-सा कार्य कराया गया?
- निजी ऑपरेटर को किसके आदेश पर कार्यालय में बैठाया गया?
- पीएम आवास योजना के भुगतान की निगरानी कौन कर रहा है?
- क्या संबंधित भुगतान का भौतिक सत्यापन कराया गया है?
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब संज्ञान लेता है और बकावंड जनपद पंचायत में सामने आए भुगतान संबंधी सवालों की जांच कब शुरू होती है।
THE EAGLE EYE NEWS | बस्तर
रिपोर्ट: ओम साहू

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