कलेक्टोरेट के प्रेरणा हॉल में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक, समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर विरोध दर्ज कराया
जगदलपुर, 16 अक्टूबर 2026।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में गठित उच्च स्तरीय समिति की जगदलपुर में आयोजित बैठक के दौरान विरोध के स्वर भी सुनाई दिए। जिला कलेक्टोरेट स्थित प्रेरणा हॉल में आयोजित इस बैठक का कांग्रेस पार्टी से जुड़े अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समाज के प्रतिनिधियों द्वारा विरोध किया गया।
बैठक में उच्च स्तरीय प्रारूप समिति के अध्यक्ष एमके राऊत सहित समिति के सदस्य, सचिव एवं बस्तर संभाग के कमिश्नर मौजूद रहे। बैठक में समान नागरिक संहिता के चार प्रमुख विषयों विवाह एवं तलाक, उत्तराधिकार एवं विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन संबंधों पर चर्चा प्रस्तावित थी।
SC, ST और OBC समाज ने जताया विरोध
बैठक के दौरान कांग्रेस से जुड़े SC, ST और OBC समाज के प्रतिनिधियों ने समान नागरिक संहिता के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। विरोध के माध्यम से इन वर्गों से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहलुओं को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी गईं।
बस्तर जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में समान नागरिक संहिता का विषय विशेष महत्व रखता है। यहां आदिवासी समाज की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, रीति-रिवाज और प्रथागत अधिकारों को लेकर भी चर्चा आवश्यक मानी जा रही है।
आदिवासी परंपराओं और सामाजिक अधिकारों पर उठे सवाल
समान नागरिक संहिता को लेकर सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इसके प्रस्तावित प्रावधानों का अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक एवं पारंपरिक अधिकारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
विशेषकर बस्तर संभाग में आदिवासी समाज की परंपराओं, रूढ़िगत व्यवस्थाओं और संवैधानिक संरक्षण को लेकर स्पष्टता आवश्यक है।
30 अक्टूबर तक मांगे गए हैं सुझाव
उच्च स्तरीय समिति ने आम नागरिकों और संगठनों से 30 अक्टूबर 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।
वेबसाइट: https://ucc.cgstate.gov.in/
ईमेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
अब बड़ा सवाल यह है कि बस्तर में सामने आए विरोध और विभिन्न सामाजिक वर्गों की आपत्तियों को समिति अपने प्रस्तावित प्रारूप में किस तरह स्थान देती है।
रिपोर्ट: ओम साहू
द ईगल आई न्यूज | बस्तर

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