
₹5.90 लाख की ऑनलाइन ठगी का खुलासा, फर्जी सिम और बैंक खातों के जरिए चल रहा था साइबर अपराध का खेल; पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार।
बस्तर | 16 अक्टूबर 2026 | रिपोर्ट: ओम साहू
जगदलपुर। साइबर अपराध के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के खिलाफ बस्तर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक मामले में झारखंड से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 82 एटीएम कार्ड, 6 मोबाइल फोन, 5 नग सिम कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में प्रार्थी से कुल 5 लाख 90 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई थी।
फर्जी लिंक और ऑनलाइन निवेश के नाम पर बुना ठगी का जाल
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर दिखाई देने वाले विज्ञापन और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से उसे निवेश एवं ट्रेडिंग से संबंधित जानकारी दी गई। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से संपर्क कर उसे ऑनलाइन निवेश के नाम पर पैसे जमा करने के लिए प्रेरित किया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर प्रार्थी का विश्वास जीतकर अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 5,90,000 रुपये की ठगी की।
झारखंड तक पहुंची जांच, दो आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर अपराध की जांच तेज की गई। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों एवं ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी के आधार पर पुलिस ने झारखंड तक जांच का दायरा बढ़ाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के नेटवर्क और अन्य संभावित सहयोगियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
82 ATM कार्ड और 6 मोबाइल बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी संख्या में बैंकिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की है। बरामद सामग्री में शामिल हैं:
- 82 नग विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड
- 06 नग मोबाइल फोन
- 05 नग सिम कार्ड
- क्रोमा ईयरपॉड
- क्रोमा हेडफोन
- क्रोमा पावर बैंक
- एविज एयरपॉड
- 25,000 रुपये नकद
इतनी बड़ी संख्या में अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड और मोबाइल की बरामदगी ने साइबर ठगी के नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस इन सामग्रियों के इस्तेमाल, बैंक खातों और संभावित अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका और विशेष टीम की कार्रवाई
बस्तर पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा (IPS) के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में साइबर अपराध की जांच की गई। कार्रवाई में साइबर टीम और संबंधित थाना पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस की जनता से अपील: इन गलतियों से बचें
बस्तर पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है।
- फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान निवेश लिंक पर भरोसा न करें।
- अधिक मुनाफे या कम समय में पैसा दोगुना करने के लालच में निवेश न करें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ATM कार्ड, बैंक पासबुक या OTP न दें।
- अपनी बैंकिंग जानकारी, UPI PIN और CVV किसी के साथ साझा न करें।
- अनजान APK फाइल डाउनलोड करने और संदिग्ध लिंक खोलने से बचें।
- किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
- साइबर अपराध की शिकायत http://www.cybercrime.gov.in पर भी दर्ज कराएं।
साइबर अपराध से सावधान रहें, जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें।
रिपोर्ट: ओम साहू | The Eagle Eye News

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