
जगदलपुर। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा की पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच ने महत्वपूर्ण पहल की है। जगदलपुर नगर के शांतिनगर स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित जिला बैठक में बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों सदस्यों एवं युवाओं ने दशहरा पर्व के दौरान सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
बस्तर दशहरा की परंपराओं के संरक्षण पर जोर
बैठक में विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा के पारंपरिक रीति-रिवाजों, माँ दंतेश्वरी की सेवा तथा दशहरा की विभिन्न रस्मों में सहयोग एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने पर सहमति व्यक्त की गई।
रामनाथ कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। पूर्व में जिस प्रकार सभी समाजों की सहभागिता से दशहरा की परंपराएं निभाई जाती थीं, उसी प्रकार आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ आगे बढ़कर कार्य करना होगा।
हरि साहू ने कहा कि बस्तर दशहरा में विभिन्न समाजों के लोगों का स्वेच्छा से आगे आना प्रसन्नता का विषय है। सभी मिलकर बस्तर में आने वाले देवी-देवताओं के पुजारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सेवा कार्य करेंगे।
मुन्ना बजरंगी ने कहा कि बस्तर दशहरा विश्वप्रसिद्ध पर्व है, जो हमारी विशिष्ट संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाता है। इसकी मूल आत्मा पारंपरिक मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक सहभागिता में निहित है। इन परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने के लिए सभी को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे युवा
बैठक में जगदलपुर, नानगूर, बस्तर, भानपुरी, दरभा, बस्तानार, लोहंडीगुड़ा, नगरनार और बकावंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से युवा उपस्थित रहे। सभी ने बस्तर दशहरा के मावली परघाव एवं अन्य पारंपरिक रस्मों के दौरान सहयोग और सुरक्षा की दृष्टि से अपनी सेवाएं देने पर सहमति जताई।
वॉलंटियर्स की विशेष टीम का होगा गठन
मंच द्वारा जल्द ही एक विशेष टीम का गठन किया जाएगा। इसमें सभी वॉलंटियर्स को उनकी योग्यता एवं आवश्यकता के अनुसार दायित्व सौंपे जाएंगे, ताकि सभी सदस्य आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।
मावली परघाव के दिन दोपहर 1 बजे अगली बैठक
बैठक में आगामी मावली परघाव के दिन दोपहर 1 बजे दुर्गा मंदिर, शांतिनगर, जगदलपुर में अगली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस बैठक में सभी वॉलंटियर्स को उनकी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी तथा सेवा एवं सुरक्षा संबंधी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
बस्तर सांस्कृतिक सुरक्षा मंच संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में हरि साहू ने सभी उपस्थित सदस्यों एवं वॉलंटियर्स का आभार व्यक्त करते हुए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।
रिपोर्ट: ओम साहू
द ईगल आई न्यूज़ | बस्तर
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