
एक काउंटर की टिकट पर 1942 क्रमांक, आठ काउंटरों से अनुमानित ₹4.66 लाख की बिक्री! बच्चों की उम्र को लेकर टिकट और बोर्ड में विरोधाभास।
जगदलपुर | रिपोर्ट: ओम साहू
बस्तर दशहरा के दौरान जगदलपुर में संचालित राजबाड़ा मीना बाजार का टिकट सिस्टम अब सवालों के घेरे में है। प्रवेश द्वार पर प्रति व्यक्ति 30 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। सवाल यह है कि इस शुल्क का निर्धारण किस आधार पर किया गया और इसकी अनुमति किसने दी?
एक काउंटर पर 1942 टिकट का क्रमांक
द ईगल आई न्यूज के पास उपलब्ध टिकट की तस्वीर में 1941 और 1942 क्रमांक दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार यहां आठ टिकट काउंटर संचालित हैं। यदि प्रत्येक काउंटर पर इतनी ही टिकट बिक्री हुई हो तो संभावित गणना 15,536 टिकट और 4,66,080 रुपये बनती है। यह अनुमान है, वास्तविक बिक्री की पुष्टि नहीं।
पांच साल मुफ्त या तीन साल से पूरा शुल्क?
प्रवेश बोर्ड पर पांच वर्ष तक बच्चों का टिकट मुफ्त लिखा है, जबकि टिकट पर तीन वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों से पूरा शुल्क लेने की शर्त है। यह विरोधाभास उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
प्रशासन से पांच सवाल
- 30 रुपये प्रवेश शुल्क की अनुमति किसने दी?
- आठों काउंटरों की कुल टिकट बिक्री कितनी है?
- क्या टिकट बिक्री का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है?
- बच्चों के लिए वास्तविक नियम क्या है?
- क्या सभी ग्राहकों को वैध बिल या टिकट दिया जा रहा है?
मांग: जिला प्रशासन सभी काउंटरों की टिकट बुक, CCTV फुटेज, बिक्री रजिस्टर और कुल प्राप्त राशि का सत्यापन कराए।
जनता का पैसा, हिसाब भी जनता के सामने!
मनोरंजन के नाम पर कारोबार करना गलत नहीं है, लेकिन शुल्क और बिक्री व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। प्रशासन इस मामले में जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करे।
रिपोर्ट: ओम साहू | THE EAGLE EYE NEWS BASTAR
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