
मीना बाजार में झूले के ₹50 से ₹200 तक रेट! किसने तय की कीमतें, प्रशासन क्यों मौन?
परिवार के साथ मेला घूमना आम जनता के लिए महंगा, झूलों की दरों का आधार सार्वजनिक करने की मांग
जगदलपुर | रिपोर्ट: ओम साहू
बस्तर दशहरा के अवसर पर संचालित मीना बाजार में प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति 30 रुपये और विभिन्न झूलों के लिए अलग-अलग शुल्क लिया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कई झूलों की कीमत 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक है।
मनमानी दर या निर्धारित मूल्य?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि झूलों की कीमतें किस आधार पर निर्धारित की गई हैं? क्या आयोजक ने सभी झूलों की दरों की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई है? क्या प्रत्येक झूले के सामने मूल्य सूची लगाई गई है?
परिवार पर कितना पड़ता है बोझ?
एक परिवार के चार सदस्यों को प्रवेश के लिए ही 120 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इसके बाद प्रत्येक झूले का अलग शुल्क और खाने-पीने का खर्च जुड़ता है। इससे परिवार का कुल खर्च काफी बढ़ सकता है।
प्रशासन से मांग
- सभी झूलों की मूल्य सूची सार्वजनिक कराई जाए।
- आयोजक की घोषित दरों का सत्यापन हो।
- वास्तविक वसूली और प्रदर्शित दरों का मिलान हो।
- अधिक वसूली पर शिकायत नंबर उपलब्ध कराया जाए।
- उपभोक्ता शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो।
उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत भ्रामक मूल्य प्रदर्शन और अनुचित व्यापार व्यवहार की शिकायतों की जांच संबंधित प्राधिकारी कर सकते हैं।
मनोरंजन के नाम पर जनता परेशान न हो
मेला आयोजन का उद्देश्य जनता को मनोरंजन देना है। इसलिए दरों में पारदर्शिता और उचित उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
रिपोर्ट: ओम साहू | THE EAGLE EYE NEWS BASTAR

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