राष्ट्रपति के स्वागत में चमका जगदलपुर! बाकी शहर में कचरे का अंबार, निगम की अपनी बिल्डिंग में बदबू से बेहाल पार्किंग व्यवस्था

सैकड़ों मजदूर रंगरोगन में
रोड का एक दिन में


एयरपोर्ट से लालबाग तक रातों-रात सफाई और सड़कों की मरम्मत, लेकिन आम जनता के मोहल्लों में धूल, गंदगी और बदबू बरकरार; कोतवाली के पास निगम की बिल्डिंग में नाले और चमगादड़ों की दुर्गंध से पार्किंग तक जाने से कतरा रहे लोग।
जगदलपुर। क्या जगदलपुर नगर निगम की सफाई व्यवस्था सिर्फ राष्ट्रपति और वीआईपी मेहमानों के आगमन तक सीमित रह गई है? शहर की सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी देखकर तो यही सवाल उठता है। आम दिनों में धूल, कचरे और बदबू से परेशान जनता को अचानक प्रशासन की सक्रियता देखने को मिल रही है। राष्ट्रपति के प्रस्तावित बस्तर प्रवास को लेकर एयरपोर्ट से लालबाग मैदान तक सड़कों की सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
सड़कों पर सफाई मशीनें दौड़ रही हैं, रोड रोलर चल रहे हैं और प्रशासनिक अमला व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा है। तस्वीरें देखकर लगता है कि शहर को चंद घंटों में चमकाने की पूरी कोशिश की जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि यही सक्रियता आम दिनों में क्यों दिखाई नहीं देती?
वीआईपी रूट चमकाने में तेजी, बाकी शहर की सुध कौन लेगा?
शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे कचरे के ढेर, नालियों से निकला मलबा और गंदगी दिखाई दे रही है। सिविल लाइन क्षेत्र में कचरे का जमावड़ा और खुले में कचरा जलाने से उठता धुआं सफाई व्यवस्था की हकीकत उजागर कर रहा है।
एक तरफ राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सड़कों को चमकाया जा रहा है, दूसरी तरफ आम नागरिकों को रोजाना गंदगी और अव्यवस्था के बीच गुजरना पड़ रहा है।
कोतवाली के पास नगर निगम की बिल्डिंग में पार्किंग या बदबू का ठिकाना?

पार्किंग बदबू से परेशान लोग


नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल सिर्फ बाहरी सड़कों तक सीमित नहीं हैं। कोतवाली थाना के पास स्थित नगर निगम की बिल्डिंग के अंदर पार्किंग व्यवस्था की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।
यहां नाले की गंदगी और चमगादड़ों के कारण दुर्गंध की समस्या बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले इस स्थान पर लोग खुले में पेशाब करते थे, जिससे गंदगी और बदबू बनी रहती थी। अब पार्किंग की व्यवस्था होने के बावजूद हालात ऐसे हैं कि लोग वहां अपना वाहन खड़ा करने से भी कतराते हैं।
विडंबना देखिए कि जिस नगर निगम पर पूरे शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी है, उसी की अपनी बिल्डिंग के अंदर पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
नगर निगम और जिला प्रशासन से पांच बड़े सवाल
क्या शहर की सफाई व्यवस्था सिर्फ राष्ट्रपति के दौरे के लिए सक्रिय होती है?
एयरपोर्ट से लालबाग तक जैसी सफाई हो रही है, वैसी नियमित सफाई पूरे शहर में क्यों नहीं?
कोतवाली के पास निगम की बिल्डिंग में बदबू और गंदगी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
नालियों से निकले मलबे और खुले में जलाए जा रहे कचरे पर कार्रवाई कौन करेगा?
राष्ट्रपति के प्रवास के बाद क्या शहर की सफाई व्यवस्था इसी तरह बनी रहेगी या फिर सब कुछ पुराने ढर्रे पर लौट जाएगा?
सुशासन की सफाई व्यवस्था पर जनता का सवाल!
राष्ट्रपति का बस्तर आगमन गौरव और सम्मान का विषय है। उनके स्वागत के लिए बेहतर व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लेकिन जगदलपुर की जनता भी उसी शहर की नागरिक है। उसे भी साफ सड़कें, स्वच्छ नालियां, बेहतर पेयजल और दुर्गंध मुक्त सार्वजनिक स्थान चाहिए।
सफाई अभियान केवल किसी बड़े अधिकारी या वीआईपी के दौरे तक सीमित नहीं होना चाहिए। शहर की स्वच्छता एक नियमित जिम्मेदारी है, न कि कुछ घंटों का दिखावटी अभियान।
जनता का सवाल बिल्कुल सीधा है—
“राष्ट्रपति के स्वागत में सड़कें चमक सकती हैं, तो आम जनता के लिए पूरा शहर साफ क्यों नहीं हो सकता? क्या स्वच्छता का अधिकार सिर्फ वीआईपी रूट तक सीमित है?”
 स्थान: जगदलपुर, जिला बस्तर (छत्तीसगढ़)
✍️ रिपोर्ट: ओम साहू
The Eagle Eye News | बस्तर


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