बस्तर दशहरा रथ परिक्रमा में युवक की मौत! एक घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल – जवाबदेही तय करने की मांग

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जगदलपुर | बस्तर | The Eagle Eye News

बस्तर दशहरा की रथ परिक्रमा के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौत और एक अन्य व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सर्व अनुसूचित जाति समाज के जिलाध्यक्ष विक्रम लहरे ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन और दशहरा समिति से जवाबदेही तय करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

एक परिवार ने खोया अपना बेटा, आखिर जिम्मेदार कौन?

बस्तर दशहरा बस्तर की ऐतिहासिक संस्कृति, परंपरा और जनआस्था का प्रतीक है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान एक युवक की मौत और दूसरे व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की घटना बेहद चिंताजनक है।

विक्रम लहरे ने सवाल उठाया कि आखिर रथ परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई? क्या भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन इंतजाम पर्याप्त थे?

शासन-प्रशासन और दशहरा समिति से पांच बड़े सवाल

1. हादसे की जिम्मेदारी किसकी?

रथ परिक्रमा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दशहरा समिति, सुरक्षा समिति या प्रशासन में से किसकी थी? इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

2. सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई या नहीं?

हादसे से पहले भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और आपातकालीन व्यवस्था के क्या इंतजाम किए गए थे? इन सभी बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

3. मृतक के परिवार को कितना मुआवजा मिलेगा?

शासन तत्काल मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करे और नियमानुसार मिलने वाले मुआवजे की जानकारी सार्वजनिक करे।

4. घायल व्यक्ति के इलाज की जिम्मेदारी कौन लेगा?

घायल व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उसके इलाज का खर्च और भविष्य की आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाए।

5. भविष्य में ऐसी घटनाएं कैसे रुकेंगी?

बस्तर दशहरा जैसे ऐतिहासिक आयोजन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किया जाए।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष सर्व अनुसूचित जाति समाज ने मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी, आयोजन समिति या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

  • हादसे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  • सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की जांच हो।
  • मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
  • घायल व्यक्ति का बेहतर उपचार और आर्थिक सहायता सुनिश्चित हो।
  • जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

आस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी जरूरी

बस्तर की संस्कृति, परंपरा और आस्था का सम्मान तभी सार्थक है, जब यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित हो। हर वर्ष बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

आखिर कब तक हादसों के बाद केवल जांच और मुआवजे की बातें होती रहेंगी? अब समय है कि जिम्मेदारी तय हो, जवाबदेही सुनिश्चित हो और पीड़ित परिवारों को न्याय मिले।


प्रेस विज्ञप्ति: विक्रम लहरे, जिलाध्यक्ष – सर्व अनुसूचित जाति समाज

रिपोर्ट: ओम साहू
The Eagle Eye News
सच की नजर तीखी और निडर

नोट: यह समाचार प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियों एवं प्रशासनिक जांच की आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर अपडेट की जाएगी।


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