चक्रवात का खतरा: 27 अक्टूबर से भारी बारिश और 80 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बस्तर के चार जिले अलर्ट पर

बस्तर में हाई अलर्ट

जीरो कैजुअल्टी के लक्ष्य के साथ प्रशासन की तैयारी तेज, सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में निचले इलाकों को खाली कराने के निर्देश

जगदलपुर, 26 अक्टूबर 2026।

छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से संभावित चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। मौसम की गंभीरता को देखते हुए भारी बारिश, जलभराव और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए शासन ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कलेक्टरों एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि नहीं होनी चाहिए। प्रशासन का लक्ष्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ सुनिश्चित करना है।

बस्तर संभाग के चार जिले विशेष अलर्ट पर

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए दक्षिण बस्तर के संवेदनशील जिलों सुकमा, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

46 जलाशयों से छोड़ा गया पानी

बैठक में जल संसाधन विभाग ने जानकारी दी कि प्रदेश के 46 प्रमुख जलाशय पूरी क्षमता तक भरे हुए थे। संभावित भारी बारिश के मद्देनजर जलाशयों में अतिरिक्त दबाव कम करने के लिए करीब 22 से 23 प्रतिशत पानी नियंत्रित तरीके से पहले ही छोड़ा जा चुका है। अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने और निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल और आंगनबाड़ी में छुट्टी का फैसला कलेक्टर लेंगे

बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित करने का अधिकार दिया गया है। इसके लिए पूरे जिले में एकसमान आदेश जारी करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों और संभावित जलभराव की स्थिति का आकलन करने को कहा गया है।

गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को पहले से सुरक्षित करने के निर्देश

स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला अस्पतालों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रसव की संभावित तिथि वाली गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को पहले से ही सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट करने की तैयारी रखने को कहा गया है।

SDRF और NDRF की टीमें रहेंगी तैनात

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की अतिरिक्त टीमें भी बुलाई गई हैं। बिजली और दूरसंचार विभागों को विद्युत खंभे एवं पेड़ गिरने की स्थिति में तत्काल मरम्मत और सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए विशेष तकनीकी दल तैनात रहेंगे।

राहत कार्यों के लिए 31 करोड़ रुपये की व्यवस्था

आपदा प्रबंधन और तात्कालिक राहत कार्यों को गति देने के लिए जिलों को लगभग 31 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा रही है। प्रशासनिक अमले की सक्रियता सुनिश्चित करने के लिए फील्ड में तैनात कर्मचारियों के सामान्य अवकाश निरस्त कर उन्हें मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

जनहित में अपील: संभावित चक्रवात को देखते हुए नागरिक मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर भवनों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।

रिपोर्ट: ओम साहू द ईगल आई न्यूज़ बस्तर सच की नजर तीखी और निडर


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