बस्तर में VB-G RAM G योजना पर CEO का बड़ा एक्शन! दो तकनीकी सहायकों का इस्तीफा, एक की सेवा समाप्त

जगदलपुर, 28 अक्टूबर 2026। बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही को लेकर जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने सख्त रुख अपनाया है। 1807 कार्यों के लिए 55.61 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर चार तकनीकी सहायकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। दो तकनीकी सहायकों ने त्यागपत्र दिया, एक की सेवा समाप्त की गई और एक की सेवा वृद्धि रोक दी गई।

1807 कार्यों के लिए 55.61 करोड़ रुपये स्वीकृत

बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत कुल 1807 कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के लिए 5561.34 लाख रुपये यानी लगभग 55.61 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके बावजूद योजना के क्रियान्वयन और कार्यों की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाए जाने पर जिला पंचायत प्रशासन ने सख्ती दिखाई है।

चार तकनीकी सहायकों पर कार्रवाई

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना ने योजना की नियमित समीक्षा और मैदानी निरीक्षण के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। समीक्षा में कुछ तकनीकी सहायकों द्वारा अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन नहीं किए जाने की बात सामने आई।

इसके बाद चार तकनीकी सहायकों के संबंध में कार्रवाई की गई। दो तकनीकी सहायकों ने त्यागपत्र प्रस्तुत किया, एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त की गई तथा एक अन्य तकनीकी सहायक की सेवा वृद्धि रोक दी गई।

श्रमिकों को रोजगार और मानव दिवस सृजन पर जोर

जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। अधिकाधिक श्रमिकों का नियोजन सुनिश्चित करने के साथ मानव दिवस सृजन में तेजी लाई जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का पालन भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई

सीईओ ने स्पष्ट किया है कि शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पंचायत द्वारा कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में उदासीनता या कमजोर प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

द ईगल आई न्यूज की नजर

बस्तर जिले में 1807 स्वीकृत कार्यों और 55.61 करोड़ रुपये के बजट के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जमीनी स्तर पर कितने कार्य वास्तव में शुरू हुए हैं, कितने पूर्ण हुए हैं और कितने श्रमिकों को रोजगार मिला है। योजना की वास्तविक प्रगति का आकलन स्वीकृतियों के साथ-साथ कार्यस्थल की स्थिति और मानव दिवस के आंकड़ों से ही हो सकेगा।


रिपोर्ट: ओम साहू
The Eagle Eye News
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