बाढ़ पीड़ितों को बांटने के बजाय निगम कार्यालय में सड़ रही राहत सामग्री! महापौर से नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने मांगा जवाब

सढ़ गया राहत सामग्री

जगदलपुर। बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्राप्त खाद्य सामग्री यदि जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय नगर निगम कार्यालय में रखे-रखे खराब हो रही है, तो यह नगर निगम की कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नगर पालिक निगम जगदलपुर के नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने इस मामले को लेकर महापौर और निगम प्रशासन से जवाब मांगा है।

राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बाढ़ के दौरान अनेक परिवारों को भोजन और जरूरी सुविधाओं के संकट का सामना करना पड़ा था। ऐसे कठिन समय में राहत सामग्री का समय पर वितरण करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी थी। लेकिन यदि जरूरतमंदों के लिए आई खाद्य सामग्री निगम कार्यालय में पड़ी-पड़ी खराब हो रही है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाढ़ पीड़ितों को भोजन की सबसे अधिक आवश्यकता थी, तब राहत सामग्री का वितरण क्यों नहीं किया गया? क्या निगम प्रशासन के पास वितरण की कोई कार्ययोजना नहीं थी? यदि सामग्री उपलब्ध थी, तो उसे प्रभावित परिवारों तक पहुंचाने में देरी क्यों हुई?

महापौर सार्वजनिक करें राहत सामग्री का पूरा हिसाब

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नेता प्रतिपक्ष ने महापौर से मांग की है कि जनता के सामने स्पष्ट किया जाए कि बाढ़ पीड़ितों के लिए कितनी खाद्य सामग्री प्राप्त हुई थी, यह सामग्री किस माध्यम से आई थी, किन वार्डों में इसका वितरण होना था और अब तक कितनी सामग्री वितरित की गई है।

उन्होंने यह भी मांग की कि यदि खाद्य सामग्री खराब हुई है, तो उसकी मात्रा, वर्तमान स्थिति और खराब होने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाए।

निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

राजेश चौधरी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसकी जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, शेष उपयोग योग्य खाद्य सामग्री तत्काल जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने कहा कि नगर निगम जनता के संसाधनों से संचालित संस्था है। आपदा पीड़ितों के लिए आई राहत सामग्री का सदुपयोग सुनिश्चित करना निगम प्रशासन का नैतिक और प्रशासनिक दायित्व है।

जनता को आश्वासन नहीं, स्पष्ट जवाब चाहिए

राजेश चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवार पहले ही आर्थिक नुकसान और रोजमर्रा की जरूरतों के संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनके नाम पर आई राहत सामग्री का खराब होना गंभीर विषय है। महापौर को चुप्पी तोड़कर जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। राहत सामग्री के वितरण में हुई कथित लापरवाही की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए।

रिपोर्ट: ओम साहू | The Eagle Eye News


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